(N/A) हाइड्रोजन बंध अणुओं में आंशिक रूप से धनात्मक $H^{\delta+}$ आयन और आंशिक रूप से ऋणात्मक परमाणु (जैसे $N, O, F$) के बीच मौजूद आकर्षण बल है।
उदाहरण: $(i)$ $NH_3$ में $N-H$ बंध,$(ii)$ $H_2O, C_2H_5OH, C_6H_5OH$ में $O-H$ बंध,$(iii)$ $HF$ में $H-F$ बंध,$(iv)$ $o-$क्लोरोफिनोल।
विशेषताएं:
$\Rightarrow$ हालांकि हाइड्रोजन बॉन्डिंग मुख्य रूप से $N, O, F$ तक सीमित है,लेकिन $Cl$ जैसी प्रजातियां भी विशिष्ट परिस्थितियों में हाइड्रोजन बॉन्डिंग में भाग ले सकती हैं।
$\Rightarrow$ हाइड्रोजन बंध की ऊर्जा $10$ से $100 \ kJ \ mol^{-1}$ के बीच होती है।
$\Rightarrow$ यह ऊर्जा की एक महत्वपूर्ण मात्रा है; इसलिए,हाइड्रोजन बंध कई यौगिकों,जैसे प्रोटीन और न्यूक्लिक एसिड की संरचना और गुणों को निर्धारित करने में एक शक्तिशाली बल है।
$\Rightarrow$ हाइड्रोजन बंध की मजबूती एक अणु के विद्युत ऋणात्मक परमाणु के एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (lone-pair) और दूसरे अणु के हाइड्रोजन परमाणु के बीच कूलम्बिक आकर्षण द्वारा निर्धारित होती है।
$\Rightarrow$ जैसे-जैसे एक ही पदार्थ में अणुओं के बीच की दूरी बढ़ती है,हाइड्रोजन बंध की मजबूती कम हो जाती है (उदा.,$Solid$ $\rightarrow Liquid$ $\rightarrow Gas$)।